Cancer kaise failta hai

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कैंसर कैसे फैलता है

आज मैं आपको कैंसर के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहा हूँ। मैं आपको केंसर के कारण,लक्षण,उपाय व इसकी प्रमुख जांच आदि से जुड़ी सारी जानकारी बताऊँगा।

अगर सुबह आपकी नींद तेज सिरदर्द के कारण खुल रही है। धीरे-धीरे कान से सुनने की क्षमता या आंखों से भेंगा दिखने की शिकायत या रोशनी घट रही है, इसके अलावा धीरे-धीरे प्रमुख अंग का सुन्न पडऩा यानी लकवे के लक्षण लगें तो अलर्ट हो जाएं।

ब्रेन टयूमर अगर सही समय पर पकड़ में आए तो इसका उपचार आसान हो पाता है जानिये

ये दिक्कतें बे्रन ट्यूमर की हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में तुरंतन्यूरोसर्जन से संपर्क करें। जानते हैं मस्तिष्क से जुड़ी इस बीमारी और इसके उपचार के बारे में तो आइये आज इसके बारे में जानकारी लेते है।

क्या है ब्रेन कैंसर :-
शरीर में कोशिकाओं का बनना व नष्ट होना सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन मस्तिष्क में जब यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है तो ट्यूमर कोशिकाएं बनने लगती हैं। धीरे-धीरे ये गांठ का रूप ले लेती हैं। ये कैंसरस भी हो सकती हैं और नॉन-कैंसरस भी।

हमारे शरीर के कई हिस्सों में बंटा होते है। और हमारा मस्तिष्क भी कई हिस्सों में बंटा होता है। ऐसे में जिस हिस्से में ट्यूमर होता है उस भाग की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है। इसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। जो भविष्य के लिए गंभीर बीमारी का कारण बनता है।

कैंसर को ऐसे पहचानें:-
गांठ हो जाना सूजन का आना।
ऐसी सूजन हो जाना जो ठीक ना होना।
मूत्र अथवा सोच संबंधित आदतो में परिवर्तन।
मुह में अलसर और सफेद लाल धब्बे।
शरीर पर गाठ या सूजन।
शरीर का वजन कम होना।
गले में खराश होना गला भारी होना।


ट्यूमर के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। बे्रन में ट्यूमर के आकार, स्थान और प्रकार के आधार पर लक्षण सामने आते हैं। अक्सर सुबह-सुबह तेज सिरदर्द, उल्टी, चलते समय लडख़ड़ाना, याद्दाश्त घटना, घबराहट, दौरे पडऩा, मिर्गी आना, सुनने व देखने में दिक्कत आना लक्षण होते हैं।

मेलिग्नेंट केंसर क्या होता है :-
ये कैंसर कोशिकाओं के कारण बनते हैं। ये सेंसिटिव होने के साथ दिमाग में तेजी से बढ़ते हैं। ये कोशिकाएं दिमाग के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में फैल जाती हैं।ओर धीरे – धीरे परिवर्तन करने लगती है

बिनाइन कैंसर क्या होता है :-                              यह केंसर इतना इफेक्ट्स नहीं डाल पाता है। इस का उपचार किया जा सकता है। ये नॉन कैंसरस होते हैं और मस्तिष्क के एक ही हिस्से में बढ़ते हैं। इन्हें आसानी से हटाया जा सकता है। कुछ मामलों में इलाज के बाद भी ये हो सकता है।

कैंसर के कारण:-
केंसर का एक कारण यह भी हो सकता है की लोग ज्यादा से ज्यादा बीड़ी, तम्बाकू, मदिरा आदि धूम्रपान का सेवन करते है। जिससे उनको कैंसर होने का खतरा रहता है।
बे्रन ट्यूमर के मूल कारणों की अब तक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन कुछ मामलों में रेडिएशन और फोन पर लंबे समय तक बात करने से रेडियो फ्रीक्वेंसी के कारण दिमाग पर असर पड़ता है।
कई शोधों में इसकी पुष्टि भी हुई है। शोधकर्ता मानते हैं कि रेडिएशन से दूरी व मोबाइल का कम इस्तेमाल इससे बचा सकता है।

कैंसर की प्रमुख जांच:-
कैंसर कुछ प्रमुख जांचे भी सरकार द्वारा की जा रही है
अगर इसके लक्षण लगातार या बार-बार दिखें तो न्यूरोसर्जन को दिखाएं। बे्रन के किस हिस्से में ट्यूमर है, यह पता लगाने के लिए एमआरआई जांच कारगर है।
इससे मस्तिष्क व अन्य अंगों की आंतरिक स्थिति की सूक्ष्म स्तर पर जांच की जाती है। इसके अलावा सीटी स्कैन को स्क्रीनिंग टैस्ट की तरह करते हैं। मरीज
से फैमिली हिस्ट्री पूछी जाती है क्योंकि यह बीमारी आनुवांशिक भी होती है।

कैंसर का सर्जरी विकल्प:-
केंसर (ट्यूमर) के विकल्प एक सर्जरी ही हो सकता है। बे्रन ट्यूमर व उसके बढऩे की स्थिति और यह कितना पुराना है इसके आधार पर विशेषज्ञ तय करते हैं कि कौनसा ट्रीटमेंट सही रहेगा। अधिकांश मामलों में
सर्जरी ही एकमात्र विकल्प होती है। ऐसे में सर्जरी कर ट्यूमर वाले हिस्से को बाहर निकालते हैं। सर्जरी के बाद 1-2 हफ्ते तक मरीज को ऑब्जर्वेशन में रखा
जाता है।

जरूरत पडऩे पर रेडियोथैरेपी और कीमोथैरेपी भी दी जाती है। पूरे देश में 33 केंसर संस्थानो की स्थापना की मंजूरी दी गयी है। कैंसर के रोगीयो को किफायती दर पर दवाइयाँ दी जा रही है।

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मैं Rinku Singh , इस ब्लॉग पर मैं टेक्नोलॉजी से सम्बंधित जानकारी share करता हूँ। इस ब्लॉग को हमने उन लोगो के लिए बनाया है जो हिंदी भाषा में पढ़ना पसंद करते है। अगर आपको भी हिंदी में पढ़ना अच्छा लगता है तो हमारे साथ जुड़े रहिए हम आपके लिए हिंदी में रोज एक नई जानकारी लाते रहेंगे?

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